श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.40

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

सच्चिदानन्दभूरेषा त्वया सेव्या प्रयत्‍नतः।

तव कृष्णस्थलान्यत्र स्फुरन्तु मदनुग्रहात्॥ ४०

saccidānandabhūreṣā tvayā sevyā prayatnataḥ|

tava kṛṣṇasthalānyatra sphurantu madanugrahāt|| 40

अर्थ

यह व्रजभूमि सच्चिदानन्दमयी है, अतः तुम्हें प्रयत्‍नपूर्वक इस भूमिका सेवन करना चाहिये। मैं आशीर्वाद देता हूँ; मेरी कृपासे भगवान्‌की लीलाके जितने भी स्थल हैं, सबकी तुम्हें ठीक-ठीक पहचान हो जायगी॥ ४०॥

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