॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक POST.1.40
सच्चिदानन्दभूरेषा त्वया सेव्या प्रयत्नतः।
तव कृष्णस्थलान्यत्र स्फुरन्तु मदनुग्रहात्॥ ४०
saccidānandabhūreṣā tvayā sevyā prayatnataḥ|
tava kṛṣṇasthalānyatra sphurantu madanugrahāt|| 40
अर्थ
यह व्रजभूमि सच्चिदानन्दमयी है, अतः तुम्हें प्रयत्नपूर्वक इस भूमिका सेवन करना चाहिये। मैं आशीर्वाद देता हूँ; मेरी कृपासे भगवान्की लीलाके जितने भी स्थल हैं, सबकी तुम्हें ठीक-ठीक पहचान हो जायगी॥ ४०॥