श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.29

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

विष्णुरुवाच

प्रजानां पालनं देव करिष्यामि यथोचितम्।

प्रवृत्त्या च निवृत्त्या च कर्मज्ञानप्रयोजनात्॥ २९

prajānāṃ pālanaṃ deva kariṣyāmi yathocitam|

pravṛttyā ca nivṛttyā ca karmajñānaprayojanāt|| 29

अर्थ

विष्णुने कहा—देव! मैं आपकी आज्ञाके अनुसार कर्म और ज्ञानके उद्देश्यसे प्रवृत्ति और निवृत्तिके द्वारा यथोचित रूपसे प्रजाओंका पालन करूँगा॥ २९॥

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