श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.30

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

यदा यदैव कालेन धर्मग्लानिर्भविष्यति।

धर्मं संस्थापयिष्यामि ह्यवतारैस्तदा तदा॥ ३०

yadā yadaiva kālena dharmaglānirbhaviṣyati|

dharmaṃ saṃsthāpayiṣyāmi hyavatāraistadā tadā|| 30

अर्थ

कालक्रमसे जब-जब धर्मकी हानि होगी, तब-तब अनेकों अवतार धारण कर पुनः धर्मकी स्थापना करूँगा॥ ३०॥

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