श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.12.26

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

राजर्षीणां जनयिता शास्ता चोत्पथगामिनाम्।

निग्रहीता कलेरेष भुवो धर्मस्य कारणात्॥ २६

rājarṣīṇāṃ janayitā śāstā cotpathagāminām|

nigrahītā kalereṣa bhuvo dharmasya kāraṇāt|| 26

अर्थ

इसके पुत्र राजर्षि होंगे। मर्यादाका उल्लंघन करनेवालोंको यह दण्ड देगा। यह पृथ्वीमाता और धर्मकी रक्षाके लिये कलियुगका भी दमन करेगा॥ २६॥✎ 86

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #86 शब्दोंके बीचका स्थान: होगा॥१९॥ → होगा॥ १९॥

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