eṣā vai bādhate kṣunnastacchāntiṃ kartumarhathaḥ|| 1
अर्थ
ग्वालबालोंने कहा—नयनाभिराम बलराम! तुम बड़े पराक्रमी हो। हमारे चित्तचोर श्यामसुन्दर! तुमने बड़े-बड़े दुष्टोंका संहार किया है। उन्हीं दुष्टोंके समान यह भूख भी हमें सता रही है। अतः तुम दोनों इसे भी बुझानेका कोई उपाय करो॥ १॥
राम राम महावीर्य कृष्ण दुष्टनिवर्हण।
एषा वै बाधते क्षुन्नस्तच्छान्तिं कर्तुमर्हथः॥ १
ग्वालबालोंने कहा—नयनाभिराम बलराम! तुम बड़े पराक्रमी हो। हमारे चित्तचोर श्यामसुन्दर! तुमने बड़े-बड़े दुष्टोंका संहार किया है। उन्हीं दुष्टोंके समान यह भूख भी हमें सता रही है। अतः तुम दोनों इसे भी बुझानेका कोई उपाय करो॥ १॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.23.1 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 281) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/23/1/