श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.4.40

दशम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

तस्मात् सर्वात्मना राजन् ब्राह्मणान् ब्रह्मवादिनः।

तपस्विनो यज्ञशीलान् गाश्‍च हन्मो हविर्दुघाः॥ ४०

tasmāt sarvātmanā rājan brāhmaṇān brahmavādinaḥ|

tapasvino yajñaśīlān gāśca hanmo havirdughāḥ|| 40

अर्थ

इसलिये भोजराज! हमलोग वेदवादी ब्राह्मण, तपस्वी, याज्ञिक और यज्ञके लिये घी आदि हविष्य पदार्थ देनेवाली गायोंका पूर्णरूपसे नाश कर डालेंगे॥ ४०॥

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