भगवान्ने अपने चरणोंसे कुब्जाके पैरके दोनों पंजे दबा लिये और हाथ ऊँचा करके दो अँगुलियाँ उसकी ठोड़ीमें लगायीं तथा उसके शरीरको तनिक उचका दिया॥ ७॥
पद्भ्यामाक्रम्य प्रपदे द्व्यंगुल्युत्तानपाणिना।
प्रगृह्य चुबुकेऽध्यात्ममुदनीनमदच्युतः॥ ७
भगवान्ने अपने चरणोंसे कुब्जाके पैरके दोनों पंजे दबा लिये और हाथ ऊँचा करके दो अँगुलियाँ उसकी ठोड़ीमें लगायीं तथा उसके शरीरको तनिक उचका दिया॥ ७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.42.7 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 393) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/42/7/