श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.46.35

दशम स्कन्ध · अध्याय 46 · अथ षट्चत्वारिंशोऽध्यायः

हत्वा कंसं रंगमध्ये प्रतीपं सर्वसात्वताम्।

यदाह वः समागत्य कृष्णः सत्यं करोति तत्॥ ३५

hatvā kaṃsaṃ raṃgamadhye pratīpaṃ sarvasātvatām|

yadāha vaḥ samāgatya kṛṣṇaḥ satyaṃ karoti tat|| 35

अर्थ

जिस समय उन्होंने समस्त यदुवंशियोंके द्रोही कंसको रंगभूमिमें मार डाला और आपके पास आकर कहा कि ‘मैं व्रजमें आऊँगा’ उस कथनको वे सत्य करेंगे॥ ३५॥

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