श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.6.42

दशम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

ते तत्र वर्णितं गोपैः पूतनागमनादिकम्।

श्रुत्वा तन्‍निधनं स्वस्ति शिशोश्‍चासन् सुविस्मिताः॥ ४२

te tatra varṇitaṃ gopaiḥ pūtanāgamanādikam|

śrutvā tannidhanaṃ svasti śiśoścāsan suvismitāḥ|| 42

अर्थ

वहाँ गोपोंने उन्हें पूतनाके आनेसे लेकर मरनेतकका सारा वृत्तान्त कह सुनाया। वे लोग पूतनाकी मृत्यु और श्रीकृष्णके कुशलपूर्वक बच जानेकी बात सुनकर बड़े ही आश्‍चर्यचकित हुए॥ ४२॥

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