श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.7.19

दशम स्कन्ध · अध्याय 7 · अथ सप्तमोऽध्यायः

भूमौ निधाय तं गोपी विस्मिता भारपीडिता।

महापुरुषमादध्यौ जगतामास कर्मसु॥ १९

bhūmau nidhāya taṃ gopī vismitā bhārapīḍitā|

mahāpuruṣamādadhyau jagatāmāsa karmasu|| 19

अर्थ

उन्होंने भारसे पीड़ित होकर श्रीकृष्णको पृथ्वीपर बैठा दिया। इस नयी घटनासे वे अत्यन्त चकित हो रही थीं। इसके बाद उन्होंने भगवान् पुरुषोत्तमका स्मरण किया और घरके काममें लग गयीं॥ १९॥✎ 2061

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
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