शौनकादि ऋषियो! जैसे सम्पूर्ण क्षेत्रोंमें काशी सर्वश्रेष्ठ है, वैसे ही पुराणोंमें श्रीमद्भागवतका स्थान सबसे ऊँचा है॥ १७॥✎ 1457
क्षेत्राणां चैव सर्वेषां यथा काशी ह्यनुत्तमा।
तथा पुराणव्रातानां श्रीमद्भागवतं द्विजाः॥ १७
शौनकादि ऋषियो! जैसे सम्पूर्ण क्षेत्रोंमें काशी सर्वश्रेष्ठ है, वैसे ही पुराणोंमें श्रीमद्भागवतका स्थान सबसे ऊँचा है॥ १७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.13.17 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 981) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/12/13/17/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1457 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): श्रीमद्भागवत-महापुराणके → श्रीमद्भागवतमहापुराणके