श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.14.22

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 14 · अथ चतुर्दशोऽध्यायः

एषा घोरतमा वेला घोराणां घोरदर्शना।

चरन्ति यस्यां भूतानि भूतेशानुचराणि ह॥ २२

eṣā ghoratamā velā ghorāṇāṃ ghoradarśanā|

caranti yasyāṃ bhūtāni bhūteśānucarāṇi ha|| 22

अर्थ

यह अत्यन्त घोर समय राक्षसादि घोर जीवोंका है और देखनेमें भी बड़ा भयानक है। इसमें भगवान् भूतनाथके गण भूत-प्रेतादि घूमा करते हैं॥ २२॥

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