यह अत्यन्त घोर समय राक्षसादि घोर जीवोंका है और देखनेमें भी बड़ा भयानक है। इसमें भगवान् भूतनाथके गण भूत-प्रेतादि घूमा करते हैं॥ २२॥
एषा घोरतमा वेला घोराणां घोरदर्शना।
चरन्ति यस्यां भूतानि भूतेशानुचराणि ह॥ २२
यह अत्यन्त घोर समय राक्षसादि घोर जीवोंका है और देखनेमें भी बड़ा भयानक है। इसमें भगवान् भूतनाथके गण भूत-प्रेतादि घूमा करते हैं॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.14.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 300) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/14/22/