भगवान् मनुने अपनी तीसरी कन्या प्रसूतिका विवाह ब्रह्माजीके पुत्र दक्षप्रजापतिसे किया था; उसकी विशाल वंशपरम्परा तो सारी त्रिलोकीमें फैली हुई है॥ ११॥
दक्षाय ब्रह्मपुत्राय प्रसूतिं भगवान्मनुः।
प्रायच्छद्यत्कृतः सर्गस्त्रिलोक्यां विततो महान्॥ ११
भगवान् मनुने अपनी तीसरी कन्या प्रसूतिका विवाह ब्रह्माजीके पुत्र दक्षप्रजापतिसे किया था; उसकी विशाल वंशपरम्परा तो सारी त्रिलोकीमें फैली हुई है॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.1.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 406) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/4/1/11/