अथर्वा मुनिकी पत्नी चित्तिने दध्यङ् (दधीचि) नामक एक तपोनिष्ठ पुत्र प्राप्त किया, जिसका दूसरा नाम अश्वशिरा भी था। अब भृगुके वंशका वर्णन सुनो॥ ४२॥
चित्तिस्त्वथर्वणः पत्नी लेभे पुत्रं धृतव्रतम्।
दध्यञ्चमश्वशिरसं भृगोर्वंशं निबोध मे॥ ४२
अथर्वा मुनिकी पत्नी चित्तिने दध्यङ् (दधीचि) नामक एक तपोनिष्ठ पुत्र प्राप्त किया, जिसका दूसरा नाम अश्वशिरा भी था। अब भृगुके वंशका वर्णन सुनो॥ ४२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.1.42 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 409) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/1/42/