ब्रह्मन्! आप भूत-भविष्यकी बातें जाननेवालोंमें सर्वश्रेष्ठ हैं, इसलिये आप मुझे सुनीथाके पुत्र वेनकी सब करतूतें सुनाइये। मैं आपका श्रद्धालु भक्त हूँ॥ २४॥
एतदाख्याहि मे ब्रह्मन् सुनीथात्मजचेष्टितम्।
श्रद्दधानाय भक्ताय त्वं परावरवित्तमः॥ २४
ब्रह्मन्! आप भूत-भविष्यकी बातें जाननेवालोंमें सर्वश्रेष्ठ हैं, इसलिये आप मुझे सुनीथाके पुत्र वेनकी सब करतूतें सुनाइये। मैं आपका श्रद्धालु भक्त हूँ॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.13.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 475) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/4/13/24/