जब ब्रह्माजीने देखा कि वे सारे वृक्षोंको भस्म कर रहे हैं, तब वे वहाँ आये और प्राचीनबर्हिके पुत्रोंको उन्होंने युक्तिपूर्वक समझाकर शान्त किया॥ ४६॥✎ 4244251349
भस्मसात्क्रियमाणांस्तान्द्रुमान् वीक्ष्य पितामहः।
आगतः शमयामास पुत्रान् बर्हिष्मतो नयैः॥ ४६
जब ब्रह्माजीने देखा कि वे सारे वृक्षोंको भस्म कर रहे हैं, तब वे वहाँ आये और प्राचीनबर्हिके पुत्रोंको उन्होंने युक्तिपूर्वक समझाकर शान्त किया॥ ४६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.30.46 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 569) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/4/30/46/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (3)