श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.8.78

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

आधारं महदादीनां प्रधानपुरुषेश्‍वरम्।

ब्रह्म धारयमाणस्य त्रयो लोकाश्‍चकम्पिरे॥ ७८

ādhāraṃ mahadādīnāṃ pradhānapuruṣeśvaram|

brahma dhārayamāṇasya trayo lokāścakampire|| 78

अर्थ

जिस समय उन्होंने महदादि सम्पूर्ण तत्त्वोंके आधार तथा प्रकृति और पुरुषके भी अधीश्‍वर परब्रह्मकी धारणा की, उस समय (उनके तेजको न सह सकनेके कारण) तीनों लोक काँप उठे॥ ७८॥

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