भगवान्ने देवता और असुरोंकी अलग-अलग पंक्तियाँ बना दीं और फिर दोनोंको कतार बाँधकर अपने-अपने दलमें बैठा दिया॥ २०॥✎ 719720
कल्पयित्वा पृथक् पङ्क्तीरुभयेषां जगत्पतिः।
तांश्चोपवेशयामास स्वेषु स्वेषु च पङ्क्तिषु॥ २०
भगवान्ने देवता और असुरोंकी अलग-अलग पंक्तियाँ बना दीं और फिर दोनोंको कतार बाँधकर अपने-अपने दलमें बैठा दिया॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.9.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 949) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/9/20/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)